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कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾ से कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है?
कैंसर और अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठयह à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि रोग के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤² के अलावा शरीर के किसी अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो। इस तरह के दरà¥à¤¦ को "संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ दरà¥à¤¦" कहा जाता है। उदाहरण के लिà¤, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर के कारण पीठ, कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ और ऊपरी जांघों में दरà¥à¤¦ हो सकता है, à¤à¤²à¥‡ ही कैंसर फैला न हो।
कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¤¾ होता है
कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ कà¥à¤› अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का संकेत होता है जैसे कूलà¥à¤¹à¥‡ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट, आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, बà¥à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और बचपन की बीमारी का संकेत हो सकता है। कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ का दरà¥à¤¦ आमतौर पर महिलाओं में अधिक देखा जाता है। यह अकà¥à¤¸à¤° नरà¥à¤¤à¤•ियों, खिलाड़ीयो में अधिक देखा जा सकता है।
कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ के कारण
कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से कूलà¥à¤¹à¥‡ के जोड़ या फिर मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है। इसके पीछे जो मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है वह निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित इस पà¥à¤°à¤•ार से हैं:
जीवनशैली के कारण से
गलत मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾: गलत मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठे रहने से कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है। इसलिठजरूरी है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को चलते, उठते, बैठते और डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤¿à¤‚ग करते हà¥à¤ अपनी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤
वजन उठाने से: लगातार à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन उठाने की वजह से à¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ हो सकता है।
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार ना लेना: बाहर का खाना खाने या फिर à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करना जिसमें पोषक ततà¥à¤µ ना होने से à¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ हो सकता है।
टेंडन में सूजन: जो लोग बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करते हैं उसकी वजह से उनके टेंडन में सूजन आ जाती है। इस बीमारी को टेंडोनाइटिस के नाम से जाना जाता है।
बीमारी के कारण से
कà¥à¤› बीमारियां जिनकी वजह से कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है वो निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ के साथ-साथ सूजन और अकड़न की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
इंफेकà¥à¤¶à¤¨: किसी चोट, इंजेकà¥à¤¶à¤¨ या सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद खून के माधà¥à¤¯à¤® से जोड़ों में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो सकता है। कूलà¥à¤¹à¥‡ के जोड़ों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की वजह से à¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ हो सकता है।
बà¥à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: बà¥à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें बà¥à¤°à¥à¤¸à¤¾ ( तरल थैली ) में सूजन आ जाता है।
नस दब जाने से: सायटिक नस के दब जाने से या कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाने से कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ के साथ-साथ अकड़न की समसà¥à¤¯à¤¾ रह सकती है।
कैंसर: हडà¥à¤¡à¥€ में होने वाले कैंसर की वजह से à¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ की परेशानी रह सकती है।
चोट के कारण से
किसी दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ की वजह से कई बार कूलà¥à¤¹à¥‡ में चोट लग जाती है जिसकी वजह से कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है। इसके अलावा कà¥à¤› चोट पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ à¤à¥€ होती हैं जिनके कारण à¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ हो सकता है जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾: आम तौर पर कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के कारण कूलà¥à¤¹à¥‡ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट लग सकती है या फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° हो सकता है जिसकी वजह से इसमें दरà¥à¤¦ हो सकता है।
खेलकूद: खेलने - कूदने पर सावधानी न बरतने पर à¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‡ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट लग सकती है जिसकी वजह से कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के कारण: उमà¥à¤° बढ़ने के साथ-साथ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® कम होने लगता है जिसकी वजह से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कमजोर हो जाती हैं। जैसे-जैसे आयॠबढ़ती है वैसे - वैसे बà¥à¤°à¥à¤¸à¤¾ ( तरल थैली ) का तरल कम होने लगता है। इसके कारण कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£
जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ से पीड़ित होता है तो उसमें कई पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ देखे जाते हैं जो कि निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ के साथ-साथ अकड़न की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
कूलà¥à¤¹à¥‡ के आसपास के हिसà¥à¤¸à¥‡ में सूजन और à¤à¤‚ठन देखने को मिल सकती है।
रोगी को बà¥à¤–ार हो सकता है।
पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को चलने - फिरने में परेशानी हो सकती है।
रात को सोते समय या फिर आराम करते समय कूलà¥à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो सकता है।
कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ के उपाय
कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ का उपचार करने के लिठकई पà¥à¤°à¤•ार के उपाय अपनाठजा सकते हैं जैसे कि रोगी को दरà¥à¤¦ में आराम पहà¥à¤‚च सके। इसलिठपीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ का उपाय करने के लिठनिमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित तरीके अपनाने चाहिà¤:
घरेलॠउपचार
कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ का उपचार करने के लिठघरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े à¤à¥€ काफी कारगर हो सकते हैं। कà¥à¤› असरदार घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
गरà¥à¤® सिकाई: गरà¥à¤® बोतल या हीटिंग पैड से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में सिकाई करने से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों में रकà¥à¤¤ संचार बढ़ता है जिससे दरà¥à¤¦ कम होता है।
वॉरà¥à¤® बाथ: हलà¥à¤•े गरà¥à¤® पानी में नहाने से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के साथ - साथ पूरे शरीर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में रकà¥à¤¤ संचार और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है जिससे दरà¥à¤¦ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ कम होता है।
ठंडी सिकाई: ठंडी सिकाई करने से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में हो रह जलन कम होता है और वह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो जाता है जिससे दरà¥à¤¦ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ नहीं होता है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¥à¥‡à¤°à¥‡à¤ªà¥€: पानी के उतà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤µà¤¨ बल के कारण कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ पर गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ बल का दबाव कम होता है जिससे कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ कम महसूस होता है।
मालिश: नारियल और नीलगिरी के तेल को मिलाकर मालिश करने से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ का दरà¥à¤¦ कम हो सकता है।
टॉपिकल पेन रिलिवरà¥à¤¸: कà¥à¤› कà¥à¤°à¥€à¤® और मलहम लगाने से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के दरà¥à¤¦ से आराम मिल सकता है। इन कà¥à¤°à¥€à¤® और मलहम में मेंथॉल जैसे ततà¥à¤µ होते हैं जो दरà¥à¤¦ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ नहीं होने देते हैं।
हलà¥à¤¦à¥€ और दूध: हलà¥à¤¦à¥€ में सà¥à¤œà¤¨à¤°à¥‹à¤§à¥€ गà¥à¤£ होते हैं जो कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के सूजन को कम करने में मदद करते हैं। दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है।
अगर इन घरेलू उपायों से कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ सही नही होता है तो कà¥à¤› सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल और नॉन सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचारों की मदद से कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ कम किया जा सकता है।
नॉन सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार
कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ कम करने के लिठऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› नॉन सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार à¤à¥€ कर सकते हैं जो निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
दवाइयां: दरà¥à¤¦ को कम करने वाली दवाइयां à¤à¥€ लेने के लिठकह सकते हैं ।
इंजेकà¥à¤¶à¤¨: जब कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ दवाइयों से ठीक नही हो पाता तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगा सकते हैं।
थेरेपी: सà¥à¤Ÿà¥‡à¤® सेल थेरेपी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके à¤à¥€ कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ को कम किया जा सकता है।
सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार
जब दवाइयों और इंजेकà¥à¤¶à¤¨ से रोगी को कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ में राहत नहीं मिलती तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल उपचार कर सकते हैं:
कूलà¥à¤¹à¥‡ का पूरà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ (टोटल हिप रिपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट): इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ में कूलà¥à¤¹à¥‡ के खराब जोड़ को निकालकर उसकी जगह कृतà¥à¤°à¤¿à¤® जोड़ लगाया जाता है।
आंशिक कूलà¥à¤¹à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ (पारà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤² हिप रिपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट): इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ में कूलà¥à¤¹à¥‡ के जोड़ की गेंद को बदला जाता है।
हिप रिसरà¥à¤«à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग: हिप रिसरà¥à¤«à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग सरà¥à¤œà¤°à¥€ के अंतरà¥à¤—त ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤¨ कूलà¥à¤¹à¥‡ के घिसे हà¥à¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ को बदल देते हैं।
जीवन शैली में बदलाव
जो लोग कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ से परेशान हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चाहिठकि वो अपनी जीवनशैली में बदलाव करें।
खान-पान: आहार में पोषक ततà¥à¤µ लेने चाहिà¤à¤‚ जिसमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, आयरन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शामिल हों जैसे मछली, ताज़ा हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, दूध,दही, पनीर।
वजन पर नियंतà¥à¤°à¤£: वजन सामानà¥à¤¯ और नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ पर à¤à¤¾à¤° कम पड़ता है जिससे कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ नही होता है।
लगातार बैठने से बचें: लगातार बैठे या खड़े रहने से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों में दवाब या खिंचाव होता है जिससे कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
उचित मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾: उठते, बैठते या सोते समय मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ सही होने से कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के दरà¥à¤¦ से बचा जा सकता है।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®: कूलà¥à¤¹à¥‡ में हो रहे दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना à¤à¥€ कारगर हो सकता है जैसे कि हिप फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¨,हिप à¤à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š,हिप रोटेशन, गà¥à¤²à¥‚टल सेटà¥à¤¸ आदि किठजा सकते हैं।
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